Ravi ki duniya

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Wednesday, January 29, 2014

व्यंग्य : खुला पत्र लता दीदी के नाम





लता दीदी ! कसा काये ? बर आहे ? हे काय भानगढ़ चालली आहे ? आपने मोदी को कहा भाई और कॉन्ग्रेस बौखलाई’. आजकल कॉन्ग्रेस जरा जरा सी बात पर बौखला जाती है. आप उन्हें इसके लिये ब्लेम भी नहीं कर सकते. उन्हें कितने लोग बौखलवा रहे हैं आप को पता नहीं. शायद आप जानती भी हों. एक बात बताओ दीदी अब गुजरात और महाराष्ट्र में तो सबको भाई-भाऊ कहने का रिवाज है. सभी पुरुष भाई हैं और सब महिलायें बेन हैं. सच तो यह है कि अब भाई बचे ही गुजरात में या ज़ुर्म की दुनियां में हैं. पर लता दीदी एक बात बताईये जब आप सबकी दीदी हो सकती हैं तो मोदी सबके भाई क्यों नहीं हो सकते. हमारे भारत में परिवार, समाज का एक अभिन्न अंग है. हमारे यहां बापू हुए हैं. चाचा हुए हैं. ताऊ हुए हैं. दीदी हैं, बहिन जी हैं तो भाई होने में क्या बुराई है. भाई कितना आत्मीय सम्बोधन है. भले अंडरवर्ड का भाई आपको कँपकँपा दे मगर राजनीति का भाई तो स्नेहमयी, ओज़मयी, रक्षक होता है. कॉन्ग्रेस भले यह नारा दे मोदी नहीं किसी का भाई, वो तो है कसाई
 

आपको भी न नरेंद्र भाई को भाई कहने से पहले सोचना चाहिये था. उधर कॉन्ग्रेस में जो भाई बैठे हैं उन्हें कहीं बुरा तो नहीं लग जायेगा. और देख लो बुरा लग गया न. अब किसी न किसी ने यह मांग भी कर देनी है कि आप अपना भारत रत्न वापस करो. भारत रत्न ले कर आपने अपने लिये ये एक परमानेंट परेशानी खड़ी कर ली है. अब आपको भी क्या माहिति थी कि समस्त लहान-मोठी, खरी-खोटी गोष्ठी के लिये इन लोगों ने आपसे भारत रत्न वापस करने की मांग कर देनी है. वैसे आप यह कह सकती हैं कि एक बार दिया गया भारत रत्न वापस नहीं होगा और न ही एक्स्चेंज होगा. आप यह भी कह सकती हैं कि ये भारत रत्न कौन सा आपको कॉन्ग्रेस ने दिया है जो कदम-कदम पर आप पर एह्सान सा जता रही है. आपने तो सोचा था भारत रत्न आपको भारत सरकार ने दिया है यह कोई कॉन्ग्रेस रत्न नहीं है जो कॉन्ग्रेस वापस मांग रही है. अब आपने देखा ये ईनाम विनाम लेने में क्या रिस्क, कितनी फजीहत है. मैं तो इस कर के कोई ईनाम लेता ही नहीं हूं. मैने यह ऐलान कर दिया है. ये क्या आज ईनाम मिला अब कोई दस पंद्रह साल बाद कहे लाओ ईनाम वापस करो अपुन कहां से लायेगा.


अगली बार राहुल बाबा से आप मिलें तो उन्हें भी भाई कह कर बुलाना. वैसे बहुत मुमक़िन है राहुल बाबा आपके और आपके गाने के बारे में जानते ही न हों. वो तो माइकल जैकसन, रैप, हार्ड कौर और हनी सिंह वाले ग्रुप के हैं. आप भाई कहेंगी तो हो सकता है कॉन्ग्रेस इसके पोस्टर लगा दे लता दीदी ने गलती मानी..लता दीदी को बधाई...राहुल को सात बार कहा भाई... भाई...भाई. और नीचे एक दर्जन से अधिक प्रदेश, ज़िला, मुहल्ला कॉन्ग्रेसियों के नाम और अंडाकार फोटो लगे हुए हों. 
  

आप चाहें तो अमर्त्य सेन जी की तरह कह सकती हैं. उन्होंने कहा था अगर अटल बिहारी वाजपेयी भारत रत्न वापस मांगेगे तो वापस कर दूंगा. उसी तरह आप भी साफ साफ कह दें जब अटल बिहारी वाजपेयी मांगेंगे तो वापस कर देंगे. दीदी ये सब पॉलिटिकल बातों की भैरवी है. अपने को इनकी सा..रे..गा..मा.. में नहीं पड़ना है. अपुन आर्टिस्ट लोग हैं. आपको याद है न आपातकाल में किशोर दा के गाने रेडियो पर बजाने पर किसने पाबंदी लगाई थी. लेकिन तुमी घाबरू नका. आप चाहें तो अगली बार कह दें राहुल बाबा (या राहुल भाई) देश के प्रधान मंत्री बनें तो कोई वांदा नहीं. आपको खुशी होगी. अगले ने बनना तो वैसे भी नहीं है.



मिलता हूं दीदी

आपका

ग़ैर राजनैतिक भाई

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